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कल से आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर खिलाएंगी अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा

-जिले में कल से शुरू हो रहा है एमडीए अभियान, 24 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य
-स्वास्थ्य के साथ आईसीडीएस, शिक्षा समेत कई विभाग अभियान को सफल बनाने में जुटे

बांका, 8 फरवरी-

जिले में शुक्रवार से एमडीए अभियान शुरू हो रहा है। इसके तहत जिले के दो वर्ष से अधिक उम्र के 24 लाख लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा खिलाई जाएगी। अभियान को लेकर सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। अभियान को सफल बनाने के लिए माइक्रो प्लान बनाया गया है। उसी के तहत जिले में अभियान चलाया गया है। एक-एक घर तक आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका या फिर वॉलेटियर पहुंचेंगे और लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा खिलाएंगे। अभियान के दौरान एक भी व्यक्ति छूट नहीं जाए, इसका ख्याल रखा जाएगा। इसे लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने अपने क्षेत्र के परिवारों की सूची तैयार कर ली है। रजिस्टर में सभी का नाम दर्ज है। अभियान के दौरान दवा खिलाते वक्त रजिस्टर का मिलान किया जाएगा। यदि उस समय कोई व्यक्ति घर पर नहीं रहेंगे तो उन्हें दोबारा आकर दवा खिलाई जाएगी।
दो साल से अधिक उम्र के लोगों को खिलाई जाएगी दवाः प्रभारी जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल कहते हैं कि अभियान के दौरान दो से पांच साल तक के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की एक गोली खिलाई जाएगी। छह से 14 साल तक के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की दो गोली खिलाई जाएगी। 15 साल या इससे ऊपर के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की तीन गोली खिलाई जाएगी। इसके अलावा दो साल से कम उम्र के बच्चे, गंभीर रूप से बीमार और गर्भवती महिलाओं को दवा नहीं खिलाई जाएगी। अभियान के दौरान इन बातों का ध्यान रखा जाना है।
अभियान को लेकर तैयारी पूरीः अभियान की सफलता को लेकर जिले से लेकर प्रखंडों में समन्वय समिति की बैठक आयोजित हो चुकी है। समन्वय समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आईसीडीएस, जीविका, शिक्षा विभाग व खाद्य आपूर्ति विभाग के कर्मियों के साथ-साथ, पीआरआई मेंबर और विकास मित्रों ने भी भाग लिया है। सभी ने एमडीए अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया है। 10 फरवरी से 14 दिनों तक चलने वाले अभियान में भरपूर सहयोग का भरोसा दिया। वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी आरिफ इकबाल ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभाग के साथ समन्वय बनाया गया है। अभियान को सफल बनाने के लिए तैयारी लगभग पूरी है। अभियान से जुड़े लोगों को लगातार निर्देशित किया जा रहा है कि सभी काम समय से पूरे कर लें। अभियान के दौरान किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए।
क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरिया: डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जो क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इसका प्रकोप बढ़ जाने के बाद कोई पर्याप्त इलाज संभव नहीं है। लेकिन, इसे शुरुआती दौर में ही पहचान करते हुए रोका जा सकता है। इसके लिए संक्रमित व्यक्ति को फाइलेरिया ग्रसित अंगों को पूरी तरह साफ सफाई करनी चाहिए।

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