उत्तर प्रदेश राजनीती

उतरौला में भाजपा के मजबूत चेहरे बने राधेश्याम वर्मा, किसान-गरीब और युवाओं के बीच मजबूत जनाधार

उतरौला विधानसभा में भाजपा के मजबूत दावेदार बनकर उभर रहे राधेश्याम वर्मा, सामाजिक सेवा और जमीनी पकड़ बनी बड़ी ताकत

किसान, कमेरा, गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बीच सक्रियता से बनाई अलग पहचान; करीब एक दशक से भाजपा संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं राधेश्याम वर्मा

बलरामपुर। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं। जनपद बलरामपुर की 293-उतरौला विधानसभा सीट पर भी संभावित दावेदारों की सक्रियता बढ़ रही है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी से राधेश्याम वर्मा का नाम एक मजबूत दावेदार के रूप में तेजी से उभरता दिखाई दे रहा है।

लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े राधेश्याम वर्मा ने राजनीतिक सक्रियता के साथ-साथ सामाजिक सेवा, स्वास्थ्य, धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों और जरूरतमंदों की सहायता के माध्यम से क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। विशेष रूप से किसान, कमेरा, गरीब, मजदूर और जरूरतमंद परिवारों के बीच उनकी सक्रियता और सहज उपलब्धता उनकी राजनीतिक ताकत मानी जा रही है।

उतरौला विधानसभा क्षेत्र में पिछले करीब दस वर्षों से लगातार सक्रिय राधेश्याम वर्मा पार्टी की विभिन्न गतिविधियों, जनसंपर्क अभियानों और सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी करते रहे हैं। इससे पहले वह लंबे समय तक मुंबई में रहते हुए भारतीय जनता पार्टी के लिए सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। मुंबई में संगठन के विभिन्न दायित्वों के साथ वह उत्तर भारतीय मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर भी कार्य कर चुके हैं।

वर्तमान में राधेश्याम वर्मा भारतीय जनता पार्टी की जिला कार्यकारिणी के सदस्य हैं। इसके साथ ही वह नेशनल मेडिकोज ऑर्गनाइजेशन (NMO) के जिलाध्यक्ष का दायित्व भी संभाल रहे हैं।

जमीनी जुड़ाव बना राधेश्याम वर्मा की सबसे बड़ी ताकत

राजनीति में केवल चुनावी समय पर सक्रिय रहने के बजाय राधेश्याम वर्मा ने लगातार क्षेत्र के लोगों के बीच मौजूद रहने पर जोर दिया है। ग्रामीण इलाकों से लेकर कस्बों तक सामाजिक, धार्मिक और पारिवारिक आयोजनों में उनकी भागीदारी ने उन्हें आम लोगों के करीब पहुंचाया है।

क्षेत्र के सभी जाति, धर्म और वर्ग के लोगों के सुख-दुख में शामिल होना, गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में यथासंभव सहयोग देना तथा जरूरतमंद परिवारों की सहायता करना उनकी सामाजिक गतिविधियों का अहम हिस्सा रहा है।

यही कारण है कि उनके समर्थक उनकी सबसे बड़ी ताकत जनता के बीच सीधा संपर्क और किसान-कमेरा समाज के बीच स्वीकार्यता को मानते हैं।

2018 से प्रत्येक रविवार निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर

राधेश्याम वर्मा के सामाजिक कार्यों में स्वास्थ्य सेवा प्रमुख स्थान रखती है। आरएसवी सेवा ट्रस्ट और आरएसवी हॉस्पिटल के माध्यम से वर्ष 2018 से प्रत्येक रविवार उतरौला विधानसभा क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

इन शिविरों के माध्यम से सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार और शुगर जांच जैसी सुविधाएं जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।

कोविड महामारी के कठिन दौर में भी उनके द्वारा क्षेत्र के लोगों की सहायता के लिए कई प्रयास किए गए। आपातकालीन जरूरतों को देखते हुए आईसीयू एम्बुलेंस की व्यवस्था, मास्क और सैनिटाइजर का वितरण तथा बाहर से लौटे लोगों के लिए आवास और खाद्य सामग्री की व्यवस्था जैसे कार्य किए गए।

इसके अलावा सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से निःशुल्क ऑनलाइन सेवा और जनजागरूकता अभियान भी चलाए गए।

किसान और रोजगार से जोड़ने की पहल

वर्ष 2015 से अपने गृह जनपद बलरामपुर और उतरौला क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने के बाद राधेश्याम वर्मा ने स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से व्यवसाय और कृषि क्षेत्र में भी पहल की।

क्षेत्र में ब्रिकफील्ड की शुरुआत के साथ बड़े पैमाने पर व्यावसायिक खेती को प्रोत्साहित किया गया। उनका मानना रहा है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए किसानों और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।

कार्मिक रियल एस्टेट, हॉस्पिटल, होटल और मैरिज हॉल जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों से जुड़े होने के बावजूद उनकी राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र उतरौला विधानसभा ही बना हुआ है।

धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में लगातार भागीदारी

राधेश्याम वर्मा क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से भी लंबे समय से जुड़े रहे हैं। सनातन संस्कृति और धार्मिक आयोजनों के संरक्षण तथा प्रोत्साहन के लिए वह विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेते और सहयोग करते रहे हैं।

उतरौला में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले नवरात्रि एवं दुर्गापूजा कार्यक्रमों में सहभागिता, पूजा पंडालों में सहयोग, बड़े मंगलवार के अवसर पर श्री हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद विशाल भंडारे का आयोजन और श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद वितरण उनके प्रमुख धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हैं।

इसी प्रकार छठ पूजा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने और विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर श्रीमद्भागवत कथा जैसे धार्मिक आयोजनों में सहयोग तथा प्रसाद वितरण में भी वह सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।

महापुरुषों के विचारों को युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास

सामाजिक और राष्ट्रवादी विचारधारा को मजबूत करने के उद्देश्य से राधेश्याम वर्मा द्वारा लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सहित राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों की जयंती और स्मृति कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की जाती रही है।

इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को देश की एकता, अखंडता, राष्ट्रसेवा और महापुरुषों के विचारों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।

स्वच्छता अभियान, युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने तथा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन में सहयोग भी उनकी सामाजिक गतिविधियों का हिस्सा रहा है।

मुंबई से उतरौला तक भाजपा संगठन के लिए लंबा राजनीतिक सफर

राधेश्याम वर्मा का राजनीतिक सफर केवल उतरौला तक सीमित नहीं रहा है। मुंबई में रहने के दौरान भी उन्होंने भाजपा और सहयोगी उम्मीदवारों के पक्ष में चुनावी एवं संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई।

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान दक्षिण मध्य मुंबई लोकसभा क्षेत्र में चुनावी अभियान में सक्रिय योगदान दिया। उसी वर्ष महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सायन-कोलीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में अपने सहयोगियों के साथ चुनाव प्रचार और संगठनात्मक कार्य किया।

वर्ष 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उतरौला विधानसभा में भाजपा को मजबूत करने और पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में माहौल तैयार करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। मुंबई में रहने वाले उतरौला क्षेत्र के मतदाताओं को अपने गृह क्षेत्र पहुंचकर मतदान के लिए प्रेरित करने का भी अभियान चलाया गया।

वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में गोंडा लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी कीर्तिवर्धन सिंह के समर्थन में सक्रिय चुनावी भूमिका निभाई। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में जनसंपर्क और चुनावी अभियान में सक्रिय योगदान दिया।

करीब एक दशक से उतरौला क्षेत्र में भाजपा की गतिविधियों में निरंतर सक्रियता और इससे पहले मुंबई में संगठनात्मक अनुभव उनके राजनीतिक पक्ष को मजबूत करता दिखाई देता है।

भाजपा की दावेदारी में क्यों मजबूत माना जा रहा नाम?

उतरौला विधानसभा में भाजपा से कई नेताओं के नाम राजनीतिक चर्चाओं में सामने आ सकते हैं, लेकिन राधेश्याम वर्मा की दावेदारी के पीछे उनके समर्थक कई मजबूत आधार बताते हैं।

लंबे समय से संगठन के प्रति सक्रियता, क्षेत्र में स्थायी निवास, सामाजिक सेवा का निरंतर रिकॉर्ड, स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से गरीब परिवारों से सीधा जुड़ाव, किसान-कमेरा वर्ग में पहुंच, धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भागीदारी और विभिन्न समुदायों के बीच व्यक्तिगत संपर्क उनकी दावेदारी को मजबूती देने वाले प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।

उनकी रणनीति भी केवल राजनीतिक कार्यक्रमों तक सीमित न रहकर गांव-गांव और परिवारों तक व्यक्तिगत संपर्क बढ़ाने की रही है। ऐसे में आने वाले समय में भाजपा की ओर से उतरौला विधानसभा की राजनीतिक तस्वीर तय होने के दौरान राधेश्याम वर्मा का नाम मजबूत दावेदारों में प्रमुखता से चर्चा में रह सकता है।

युवाओं, शिक्षा, रोजगार और गौसंरक्षण को लेकर बड़ा विजन

राधेश्याम वर्मा ने उतरौला विधानसभा के भविष्य को लेकर भी कई योजनाएं सामने रखी हैं। उनकी प्राथमिकताओं में समाज के सभी वर्गों के बीच विश्वास और भाईचारा कायम रखते हुए बुनियादी विकास के ढांचे को मजबूत करना शामिल है।

वह युवाओं को हुनरमंद और तकनीकी शिक्षा से जोड़कर रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने की बात करते हैं।

बालिकाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर और उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कॉलेज, महाविद्यालय और आधुनिक तकनीकी शिक्षण संस्थानों की स्थापना उनकी प्रमुख योजनाओं में शामिल है।

खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए विधानसभा क्षेत्र में आधुनिक खेल प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने की योजना भी उनके विजन का हिस्सा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभाशाली युवाओं को अवसरों की कमी के कारण पीछे न रहना पड़े।

इसके साथ ही क्षेत्र में करीब 20 एकड़ भूमि पर गौशाला के निर्माण की परिकल्पना भी की गई है, जिससे निराश्रित गोवंशों का संरक्षण किया जा सके और किसानों को छुट्टा पशुओं की समस्या से राहत मिल सके।

प्राचीन धार्मिक स्थलों, सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय धरोहरों को संरक्षित एवं विकसित कर उतरौला की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

‘नर सेवा-नारायण सेवा’ को बनाया सामाजिक जीवन का आधार

राधेश्याम वर्मा अपने सामाजिक कार्यों में ‘नर सेवा-नारायण सेवा’ के भाव को प्रमुखता देते हैं। उनका मानना है कि राजनीति का उद्देश्य केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्या को समझना और उसके समाधान के लिए प्रयास करना होना चाहिए।

गरीबों को स्वास्थ्य सुविधा, जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा में सहयोग, बेटियों के विवाह में सहायता, युवाओं को खेल और रोजगार के प्रति प्रोत्साहन तथा किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों में सक्रिय भागीदारी ने उन्हें क्षेत्र में सामाजिक रूप से एक अलग पहचान दी है।

उतरौला विधानसभा में आने वाले समय में भाजपा की चुनावी रणनीति किस दिशा में जाती है और पार्टी किसे अपना प्रत्याशी बनाती है, यह संगठन के निर्णय रणनीति किस पर निर्भर करेगा। लेकिन मौजूदा राजनीतिक सक्रियता, संगठनात्मक अनुभव और लगातार बढ़ते जनसंपर्क को देखते हुए राधेश्याम वर्मा ने 293-उतरौला विधानसभा से भाजपा के मजबूत दावेदार के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी शुरू कर दी है।

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